Tuesday, May 21, 2024
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साल 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान की तारीखें ये हैं

साल 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान की तारीखें ये हैं: 

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  • 1- 15 जनवरी, सोमवार, मकर संक्रांति
  • 2 – 25 जनवरी, गुरुवार, पौष पूर्णिमा
  • 3 9 फ़रवरी, शुक्रवार, मौनी अमावस्या
  • 4 14 फ़रवरी, बुधवार, वसंत पंचमी
  • 5 24 फ़रवरी, माघ पूर्णिमा
  • 6 8 मार्च, महाशिवरात्रि
  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान  1–15 जनवरी, मकर संक्रांति–उदयातिथि के अनुसार, मकर संक्रांति इस बार 15 जनवरी 2024 को मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य रात 2 बजकर 54 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. 15 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति पर 77 सालों के बाद वरीयान योग और रवि योग का संयोग बन रहा है
  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान  2—21 जनवरी, पौष एकादशी—हिंदू पंचांग के मुताबिक, 21 जनवरी, 2024 को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन, भक्त भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के लिए ऋषिकेश के भरत मंदिर आते हैं और सुख-संपदा का आशीर्वाद मांगते हैं. मान्यता है कि इस दिन पूजा पाठ और व्रत रखने से संतान सुख की प्राप्ति होती है.
  •  MAUNI AMAVASYA DATE 2024 , SHUBH MUHURAT-मौनी अमावस्या 2024 तिथि, मुहूर्त और गंगा स्नान का महत्व – जानें क्यों खास है इस वर्ष का सर्वार्थ सिद्धि योग में स्नान, दान और पूजा”

पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 20 जनवरी, 2024 को रात 7 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी और 21 जनवरी, 2024 को रात 7 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के कारण पौष पुत्रदा एकादशी 21 जनवरी को मनाई जाएगी. व्रत का पारण 22 जनवरी को सुबह 6 बजकर 45 मिनट से सुबह 8 बजकर 55 मिनट के बीच किया जा सकता है  पुत्रदा एकादशी का शुभ मुहूर्तपंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 20 जनवरी को संध्याकाल 07 बजकर 26 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 21 जनवरी को संध्याकाल में 07 बजकर 26 मिनट पर तिथि का समापन होगा। इस बार 21 जनवरी को पौष पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी।

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  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान  (3)—-  25 जनवरी, पौष पूर्णिमा–हिंदू धर्म में लोग इस दिन को शाकंभरी जयंती के रूप में मनाते हैं। माता शाकंभरी देवी जनकल्याण के लिए पृथ्वी पर आई थी। यह मां प्रकृति स्वरूपा है हिमालय की शिवालिक पर्वत श्रेणियों की तलहटी में घने जंगलों के बीच मां शाकंभरी का प्राकट्य हुआ था। माँ शाकंभरी की कृपा से भूखे जीवो और सूखी हुई धरती को पुनः नवजीवन मिला  पौष पूर्णिमा के दिन, चंद्रमा अपने पूरे आकार में दिखाई देता है, और ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पवित्र जल से स्नान, गरीबों को दान और सूर्यदेव को प्रसाद चढ़ाने से व्यक्ति को उसके सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है और उन्हें मोक्ष के मार्ग की ओर मार्गदर्शन करें साल 2024 में पौष पूर्णिमा 25 जनवरी को है. पंचांग के मुताबिक, पौष पूर्णिमा 24 जनवरी को रात 9 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 25 जनवरी को रात 11 बजकर 23 मिनट पर खत्म होगी. उदया तिथि में पूर्णिमा 25 जनवरी को होने की वजह से पौष पूर्णिमा का व्रत 25 जनवरी को रखा जाएगा. पौष पूर्णिमा पर प्रीति योग भी बन रहा है. यह योग सुबह 7 बजकर 33 मिनट से बन रहा है.  पौष पूर्णिमा पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. इस दिन का शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 मिनट से 12:55 मिनट तक है. पौष पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा की जाती है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है. स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना चाहिए. हिंदू धर्म में लोग इस दिन को शाकंभरी जयंती के रूप में मनाते हैं. माता शाकंभरी देवी जनकल्याण के लिए पृथ्वी पर आई थीं
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  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान (4)– 9 फ़रवरी, मौनी अमावस्या–पंचांग के मुताबिक, साल 2024 में मौनी अमावस्या 9 फ़रवरी को है. पंचांग के मुताबिक, माघ अमावस्या तिथि 9 फ़रवरी, 2024 को सुबह 8 बजकर 2 मिनट से शुरू होगी और 10 फ़रवरी, 2024 को सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर खत्म होगी. इस वजह से 9 फ़रवरी को मौनी अमावस्या मनाई जाएगी. पंचांग के मुताबिक, मौनी अमावस्या पर स्नान-दान करने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 21 मिनट से सुबह 6 बजकर 13 मिनट तक है. हिंदू पंचांग के मुताबिक, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 9 फ़रवरी को सुबह 8 बजकर 2 मिनट से शुरू होगी. अगले दिन यानी 10 फ़रवरी को सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर इसका समापन होगा. सभी अमावस्या तिथियों में मौनी अमावस्या को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.  इस दिन ऋषि मनु का जन्म हुआ था. आचार्य रामाकांत पाठक के मुताबिक, इस दिन व्रत और दान करने का महत्व है. इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. मौनी अमावस्या के दिन सुबह में स्नान-दान के बाद प्रदोष काल में माता लक्ष्मी की पूजा करें. मौनी अमावस्या के अवसर पर गंगा, शिप्रा और गोदावरी में स्नान करने से पुण्य प्राप्ति होती है.
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  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान(5)—-  14 फ़रवरी, बसंत पंचमी–साल 2024 में बसंत पंचमी 14 फ़रवरी, बुधवार को मनाई जाएगी. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है.  इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है. मान्यता है कि माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन ही मां सरस्वती का प्रकटीकरण हुआ था. बसंत पंचमी को ‘सरस्वती पूजा’ के नाम से भी जाना जाता है. यह वसंत की शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन मां सरस्वती के साथ-साथ कलम-दवात की भी पूजा की जाती है.  पंचांग के मुताबिक, माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 13 फ़रवरी को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट से शुरू हो रही है. 14 फ़रवरी को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर इसका समापन होगा. उदया तिथि 14 फ़रवरी को होने की वजह से इस साल बसंत पंचमी 14 फ़रवरी को मनाई जाएगी. बसंत पंचमी की पूजा के लिए 14 फ़रवरी, 2024 को सुबह 7 बजकर 1 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक शुभ मुहूर्त है. लोग पीले या सफ़ेद कपड़े पहनकर, मीठे व्यंजन खाकर, और घरों में पीले फूल दिखाकर इस दिन को मनाते हैं. राजस्थान में लोग चमेली की माला पहनने की परंपरा है. महाराष्ट्र में, नवविवाहित जोड़े शादी के बाद पहली बसंत पंचमी पर मंदिर जाते हैं और पूजा करते हैं
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  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान  (6)–20 फ़रवरी, माघ एकादशीसाल 2024 में 20 फ़रवरी, मंगलवार को जया एकादशी है. जया एकादशी को अजा और भीष्म एकादशी भी कहा जाता है. यह एकादशी माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आती है. जया एकादशी 19 फ़रवरी को सुबह 8 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 20 फ़रवरी को सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर खत्म होगी
  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान (7)—- 24 फ़रवरी, माघी पूर्णिमा–सनातन पंचांग के मुताबिक, साल 2024 में माघ पूर्णिमा 24 फ़रवरी, शनिवार को है. पूर्णिमा तिथि शुक्रवार, 23 फ़रवरी को दोपहर 3:33 बजे से शुरू होगी और शनिवार, 24 फ़रवरी को शाम 5:59 बजे खत्म होगी. माघ पूर्णिमा को मुख्य रूप से माघी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना और दान देना बहुत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, 27 नक्षत्रों में से एक ‘मघा’ से माघ पूर्णिमा की उत्पत्ति हुई है. माघी पूर्णिमा के महत्व का ज़िक्र पौराणिक ग्रंथों में मिलता है. इनके मुताबिक, इस दिन देवी-देवता मानव रूप धारण करके धरती पर गंगा स्नान के लिए आते हैं. माघ पूर्णिमा के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान किया जाता है. माना जाता है कि इस दिन स्वर्ग से देवी-देवता अलग-अलग रूपों में पृथ्वी पर आते हैं और प्रयागराज में स्नान करते हैं. इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. 
  • 2024 में माघ मेले के लिए प्रमुख स्नान  (8)—-8 मार्च, महाशिवरात्रि–साल 2024 में महाशिवरात्रि 8 मार्च को मनाई जाएगी. पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 8 मार्च को रात 9 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी और 9 मार्च को शाम 6 बजकर 17 मिनट पर खत्म होगी. इस दिन रात में चतुर्दशी तिथि होने की वजह से महाशिवरात्रि मनाई जाएगी. शिवरात्रि की पूजा रात में की जाती है, इसलिए इसमें उदया तिथि ज़रूरी नहीं मानी जाती. महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के भक्त व्रत रखकर पूजा-अर्चना करते हैं. प्रदोष काल में देवों के देव महादेव और जगत जननी मां पार्वती की पूजा की जाती है
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